

गर्मी आने से पहले
चलो नदी किनारे चलें
पिछले साल की यादों में
फिर से थोड़ा खो जाएँ
बर्गर लेकर बैठेंगे
हवा संग बातें करेंगे
मैं मछली पकड़ता रहूँगा
तुम किताब में खो जाओ
अगला हफ़्ता दूर सही
दिल तो वहीं पहुँच गया
दिन गिनता हूँ हर शाम
बस तुमसे मिलने तक
गर्मी आने से पहले
इस प्यारी सी हवा में
तुम संग हँसते रहना
बस इतना काफ़ी है
नदी, शाम और हम दोनों
छोटी-सी खुशियों का जहाँ
अगला हफ़्ता दूर सही
इंतज़ार भी अच्छा है
नदी किनारे चलते हुए
पुराने मौसम मिलते हैं
ढलते सूरज की रोशनी में
सपने धीरे खिलते हैं
आइसक्रीम जल्दी खानी है
पिघल न जाए हाथों में
तुम हँसकर कुछ कह देती हो
और दिन यादगार बने
कुछ भी खास नहीं था पर
सब कुछ खास लगने लगा
ऐसे ही ये पल शायद
दिल में हमेशा रहेंगे
गर्मी आने से पहले
इस प्यारी सी हवा में
तुम संग हँसते रहना
बस इतना काफ़ी है
नदी, शाम और हम दोनों
छोटी-सी खुशियों का जहाँ
अगला हफ़्ता दूर सही
इंतज़ार भी अच्छा है
सूरज धीरे ढलता है
नदी सुनहरी लगती है
तुम मेरी बगल में सोती हो
घर की राह भी प्यारी है
फिर अगले मौसम में हम
यहीं लौटकर आएँगे
गर्मी आने से पहले
ये यादें फिर गाएँगे
- Lyricist
KAZMARIBUKURO
- Composer
KAZMARIBUKURO
- Producer
KAZMARIBUKURO
- Vocals
KAZMARIBUKURO
- Songwriter
KAZMARIBUKURO

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Garmi Aane Se Pehle
KAZMARIBUKURO
"Garmi Aane Se Pehle" do logon ki ek saadharan lekin behad khoobsurat din ki kahani hai.
Nadi kinare baithna, machhli pakadna, manga padhna, ice cream khana aur saath mein hansna - bas itna hi.
Lekin kabhi-kabhi jeevan ki sabse anmol yaadein inhi saadharan palon mein chhipi hoti hain.
Yeh geet shuruaati garmiyon ki halki hawa, sunahari shaam aur kisi priya vyakti ke saath bitaaye gaye shaant samay ki garmahat ko samete hue hai.
Agle saptah ka intezar karne ki khushi.
Ek saadharan din ka yaadgaar ban jana.
Aur un chhoti-chhoti khushiyon ka jashn, jo jeevan ko khoobsurat banati hain.



