

जब कुछ भी ठीक नहीं होता
दिन कैलेंडर में भर जाते हैं
मुड़े हुए सपनों के कागज़
पैरों के पास बिखर जाते हैं
लेकिन दिल के किसी कोने में
एक रोशनी अब भी जलती है
धीरे से मुझसे कहती है
"अभी नहीं... हार मत मान"
बार-बार खिलता है ये दिल
उस फूल की तरह जो मुरझाता नहीं
जिस कल को खोया समझा था
वो फिर सामने आ जाता है
उम्मीद है कि मैं हार नहीं मानता
लंबे रास्तों पर चलता हूँ
खुद को सबसे तुलना करता हूँ
लगता है सब आगे बढ़ गए
और मैं यहीं रुक जाऊँ
हर आँसू के निशान के बाद
नज़ारा और साफ़ हो जाता है
आसमान मुस्कुराकर कहता है
"देखो, तुम यहाँ तक आ गए"
बार-बार खिलता है ये दिल
टूटे सपनों को फिर जोड़ता है
जहाँ सब बिखर गया था
वहीं नई राह निकलती है
गिरते हुए भी आगे बढ़ता हूँ
मैं खोलता हूँ वो दराज़
जो बरसों पहले बंद कर दी थी
अधूरे सपने मुस्कुराकर
शरमाते हुए मुझे देखते हैं
जो नहीं कर पाया उनसे ज़्यादा
जो करता रहा उसे गिनूँ
हवा मेरे कंधे पर हाथ रखकर
मुझे आगे बढ़ने को कहती है
जो भविष्य बहुत दूर था
वो अब पास आता जाता है
बिना जाने ही मैं
चलता रहा हूँ अब तक
मुश्किल दिन भी आखिर
कहानी की बस एक पंक्ति हैं
हर नया पन्ना पलटते ही
रोशनी और बढ़ जाती है
बार-बार खिलता है ये दिल
घायल हाथों से दरवाज़ा खटखटाता है
अंदर से आवाज़ आती है
"तुम अभी और कर सकते हो"
हर असफलता के आगे
एक चमकती उम्मीद है
बार-बार खिलता है ये दिल
बारिश के बाद के आसमान को छूने को
कल तक के आँसू भी
एक दिन फूल बन जाएँगे
बार-बार खिलता है ये दिल
क्योंकि ज़ख्म भी कुछ सिखाते हैं
हर असफलता के उस पार
एक रोशनी मेरा इंतज़ार करती है
मैंने हार नहीं मानी
यही उम्मीद है
- Lyricist
KAZMARIBUKURO
- Composer
KAZMARIBUKURO
- Producer
KAZMARIBUKURO
- Vocals
KAZMARIBUKURO
- Songwriter
KAZMARIBUKURO

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Bar-Bar Khilta Dil
KAZMARIBUKURO
Hindi
Jab zindagi hamari ummeedon ke mutabik nahi chalti,
aur sapne toot kar bikhar jaate hain,
tab bhi dil ke andar ek aisi taqat hoti hai jo phir se khil sakti hai.
"Bar-Bar Khilta Dil" ek aisa geet hai jo un logon ke liye hai
jo haar, nakaami aur lambe safar ke baad bhi umeed ka daaman nahi chhodte.
Ek aise phool ki tarah jo mushkilon ke baad bhi khilta rehta hai.
Ek aise dil ki tarah jo zakhmon ke bawajood phir uth khada hota hai.
Kal ke aansu,
ek din nayi khushiyon ke phool ban sakte hain.
Zindagi ka raasta hamesha seedha nahi hota,
lekin har qadam humein ek nayi subah ki taraf le jaata hai.
Yeh geet un sab logon ko samarpit hai
jo girne ke baad bhi uthte hain,
aur phir se khilna nahi chhodte.
Har baar girkar,
phir se khilne ki kahani.



